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life a strange riddle

by renu kakkar on September 18, 2011

ज़िन्दगी एक अजब पहेली है I 

जिसको  समझना आती कठिन है II

जो ना चाहें वो बिन मांगे मिलता है I

जो चाहें वो कभी नहीं मिलता है II

 

सब का भला हम मांगते हैं I

तो सब का भला होता है II 

मालिक के हाथों मे सब कुछ तो है I

सबका बिगड़ा समय वो संवारता हैII

 

उसकी मर्ज़ी बगैर कोई पत्ता भी नहीं हिलता है I

हमसे तो ना आपना घर ना देश संवर पाता है II  

छोटी बातो को हम गंभीर समस्या बनाते हैं I  

कुछ लोग तो मालिक बनने की जुर्रत करते हैं II 

 

आज का यह युग कलियुग है I

मानव स्वभाव इस युग में अच्छा नहीं है II

दूसरों को अपने से तुच्छ समझता है I

यह तो

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